HISTORY

भारत का संवैधानिक विकास कैसे हुआ भारत के संवैधानिक विकास में कोई अचानक से  बदलाव नहीं आए थे. बल्कि यह एक चरणबद्ध तरीके से अंग्रेजों द्वारा लागू किए गए विभिन्न एक्टों और बिलों का का परिणाम था. अंग्रेजों ने समय-समय पर नए नए प्रावधान किए …

भारत का संवैधानिक विकास के प्रमुख चरण Read More »

उत्तर कालीन मुगल साम्राज्य की जानकारी उत्तर कालीन मुगल साम्राज्य के अंतर्गत मार्च 1707 ईसवी में अहमदनगर में औरंगजेब की मृत्यु के पश्चात भारतीय इतिहास में एक नए युग की शुरुआत हुई जिसे इतिहासकारों ने ‘उत्तर मुगलकाल‘ नाम दिया। यह काल मुगल साम्राज्य के पतन …

उत्तर कालीन मुगल साम्राज्य का उत्थान और पतन Read More »

प्राचीन भारत का इतिहास की जानकारी प्राचीन भारत का इतिहास: “इतिहास भूत/अतीत को समझाने का एक महत्वपूर्ण साधन है. किसी भी देश/समाज के इतिहास के अध्ययन से हमें उस देश या समाज के अतीत को जान सकते हैं और अतीत का आशय उस समाज या …

प्राचीन भारत का इतिहास की हिंदी में जानकारी Read More »

भारत में जनजातीय आंदोलन कौन-कौनसे हुए भारत के प्रमुख जनजातीय आंदोलन: कोया विद्रोह,खामती विद्रोह,दीवान बेलाटम्पी का विद्रोह,विजय नगर का विद्रोह,कूका विद्रोह,खोण्डा डोरा विद्रोह,युआन जुआंग विद्रोह,खंड एवं सवार विद्रोह,नागा विद्रोह,सूरत का नमक विद्रोह,पाइक विद्रोह,फकीर विद्रोह,पाॅलीगार विद्रोह,बहावी आंदोलन,सावंतवादी विद्रोह,कच्छ विद्रोह,किट्टूर विद्रोह,गडकरी विद्रोह,बघेरा विद्रोह,भील विद्रोह,फरायजी विद्रोह,अहोम आदिवासी विद्रोह,पागलपंथी …

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भारत के प्रमुख मजदूर आंदोलन मजदूर आंदोलन के संकेत सबसे पहले 1870 ईसवी से दिल्ली शुरू हो गए 18 से 70 ईसवी में बंगाल के शशि पद बनर्जी ने मजदूरों के लिए एक क्लब स्थापित किया और भारत श्रमजीवी नामक पत्रिका का प्रकाशन किया अपने …

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प्रागैतिहासिक काल की जानकारी धरती की परत का विकास 4 अवस्थाओं में हुआ है. जिसमे अंतिम अर्थात चौथी अवस्था क्वाटर्नरी कहते हैं. इसे दो चरणों में विभक्त किया गया है – अद्यतन(होलोसीन) और अतिनवीन(प्लायिस्तोसिन). मनुष्य का पृथ्वी पर अतिनवीन(प्लायिस्तोसिन) अवस्था के अंतर्गत उत्पन्न हुआ और …

प्रागैतिहासिक काल की विस्तृत जानकारी हिंदी में Read More »

प्राचीन भारत का इतिहास ancient history of india “इतिहास भूत/अतीत को समझाने का एक महत्वपूर्ण साधन है. किसी भी देश/समाज के इतिहास के अध्ययन से हमें उस देश या समाज के अतीत को जान सकते हैं और अतीत का आशय उस समाज या राष्ट्र की …

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